जब आप रूटीन आई चेक-अप के लिए किसी नेत्र विशेषज्ञ के पास जाते हैं, तो आपकी आँखों की जाँच रिपोर्ट (प्रिस्क्रिप्शन) में कुछ नंबर लिखे होते हैं – जैसे स्फेरिकल (Spherical), सिलिंड्रिकल (Cylindrical) और कभी-कभी एक्सिस (Axis)। ये शब्द कई लोगों के लिए उलझन भरे हो सकते हैं।
लेकिन अगर आप यह समझ लें कि आँखों की अलग-अलग पावर का क्या मतलब होता है, तो आप अपनी आँखों की सेहत से जुड़े बेहतर और सही फैसले ले सकते हैं।
इस ब्लॉग में हम स्फेरिकल आई पावर, सिलिंड्रिकल आई पावर और दोनों के बीच के मुख्य अंतर को सरल भाषा में समझाएँगे।
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स्फेरिकल आई पावर का मतलब है – आँखों में मौजूद सामान्य रिफ्रैक्टिव एरर (अपवर्तक दोष) को ठीक करने के लिए कितनी पावर की जरूरत है। यह मुख्य रूप से दो समस्याओं में होती है:
- मायोपिया (नज़दीक की नज़र साफ, दूर की धुंधली)
- हाइपरोपिया (दूर की नज़र साफ, नज़दीक की धुंधली)
इसे “स्फेरिकल” इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस लेंस की वक्रता (curvature) हर दिशा में समान होती है – बिल्कुल एक गोले (sphere) की तरह।
यह कैसे काम करती है?
- नेगेटिव स्फेरिकल पावर (-)
मायोपिया यानी नज़दीक की नज़र वाले लोगों में दी जाती है। ऐसे व्यक्ति पास की चीज़ें साफ देखते हैं, लेकिन दूर की चीज़ें धुंधली दिखती हैं। - पॉज़िटिव स्फेरिकल पावर (+)
हाइपरोपिया यानी दूर की नज़र वाले लोगों में दी जाती है। ऐसे व्यक्ति दूर की चीज़ें साफ देखते हैं, लेकिन पास की चीज़ें साफ नहीं दिखतीं।
स्फेरिकल लेंस रोशनी को सभी दिशाओं में समान रूप से मोड़ते हैं, ताकि वह रेटिना पर सही जगह फोकस हो सके और दृष्टि साफ दिखाई दे।
अगर आपकी रिपोर्ट में केवल स्फेरिकल नंबर लिखा है (जैसे -2.00 या +1.50), तो इसका मतलब है कि आपको मायोपिया या हाइपरोपिया है, न कि ऐस्टिग्मैटिज़्म।
सिलिंड्रिकल पावर क्या होती है?
सिलिंड्रिकल आई पावर का इस्तेमाल ऐस्टिग्मैटिज़्म (Astigmatism) को ठीक करने के लिए किया जाता है। ऐस्टिग्मैटिज़्म में आँख की कॉर्निया या लेंस की सतह पूरी तरह गोल न होकर असमान (irregular) होती है।
इस असमान वक्रता के कारण रोशनी रेटिना पर एक ही बिंदु पर फोकस नहीं हो पाती, जिससे दृष्टि टेढ़ी-मेढ़ी या धुंधली दिखाई देती है।
यह कैसे काम करती है?
- सिलिंड्रिकल पावर हमेशा एक्सिस (Axis) के साथ लिखी जाती है।
- CYL (Cylinder) यह बताता है कि ऐस्टिग्मैटिज़्म को ठीक करने के लिए कितनी पावर चाहिए।
- Axis (0° से 180°) यह बताता है कि आँख के किस कोण पर ऐस्टिग्मैटिज़्म मौजूद है।
उदाहरण के लिए, अगर आपकी रिपोर्ट में लिखा है -1.25 CYL @ 90°, तो इसका मतलब है कि आपकी आँख में 90 डिग्री के कोण पर ऐस्टिग्मैटिज़्म है और उसे ठीक करने के लिए -1.25 सिलिंड्रिकल पावर की जरूरत है।
स्फेरिकल और सिलिंड्रिकल पावर में अंतर
हालाँकि दोनों ही पावर दृष्टि दोष को सुधारने के लिए होती हैं, लेकिन उनका उद्देश्य अलग-अलग होता है।
| विशेषता | स्फेरिकल पावर | सिलिंड्रिकल पावर |
|---|---|---|
| उद्देश्य | मायोपिया या हाइपरोपिया को ठीक करना | ऐस्टिग्मैटिज़्म को ठीक करना |
| लेंस की बनावट | हर दिशा में समान वक्रता | कुछ विशेष दिशाओं में अलग वक्रता |
| प्रिस्क्रिप्शन चिन्ह | SPH | CYL (Axis के साथ) |
| दृष्टि समस्या | पास या दूर की धुंधली नज़र | हर दूरी पर धुंधली या टेढ़ी नज़र |
| सुधार का तरीका | रेटिना पर एक बिंदु पर फोकस | एक विशेष दिशा (meridian) में फोकस |
स्फेरिकल-सिलिंड्रिकल लेंस क्या होता है?
कई लोगों को स्फेरिकल और सिलिंड्रिकल – दोनों तरह की पावर की जरूरत होती है। ऐसे में स्फेरिकल-सिलिंड्रिकल लेंस का इस्तेमाल किया जाता है।
ये लेंस मायोपिया या हाइपरोपिया के साथ-साथ ऐस्टिग्मैटिज़्म को भी एक साथ ठीक करते हैं।
इसका मतलब है कि व्यक्ति को पास/दूर की समस्या के साथ ऐस्टिग्मैटिज़्म भी होता है और सुधार एक खास कोण पर करना पड़ता है।
स्फेरिकल-सिलिंड्रिकल लेंस का उपयोग:
- चश्मे में
- कॉन्टैक्ट लेंस में
- इंट्राऑक्युलर लेंस (IOL) इम्प्लांट में
आँखों की पावर की जाँच कैसे होती है?
आँखों की सही पावर और रिफ्रैक्टिव एरर जानने के लिए नेत्र विशेषज्ञ कई आधुनिक जाँच उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं, जैसे:
- फोरोप्टर (Phoropter)
- रेटिनोस्कोप (Retinoscope)
- केराटोमीटर (Keratometer)
- ऑटो-रिफ्रैक्टर (Autorefractor)
इन सभी जाँचों की मदद से स्फेरिकल और सिलिंड्रिकल पावर का सटीक आकलन किया जाता है, ताकि आपको साफ और आरामदायक दृष्टि मिल सके।
स्फेरिकल और सिलिंड्रिकल दृष्टि दोष के इलाज के विकल्प
इन दोनों प्रकार की दृष्टि समस्याओं का इलाज निम्न तरीकों से किया जा सकता है:
- चश्मा
- कॉन्टैक्ट लेंस (ऐस्टिग्मैटिज़्म के लिए टॉरिक लेंस)
- रिफ्रैक्टिव सर्जरी
- इंट्राऑक्युलर लेंस (IOL) इम्प्लांट
किन लक्षणों में आँखों की जाँच करानी चाहिए?
अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो किसी भरोसेमंद नेत्र विशेषज्ञ से जाँच जरूर कराएँ:
- धुंधली या साफ न दिखने वाली नज़र
- दो-दो दिखाई देना
- चश्मा पहनने के बावजूद ठीक न दिखना
- बार-बार आँख मसलना या आँखें सिकोड़कर देखना
- लगातार सिरदर्द या आँखों में दर्द
सोहाना आई हॉस्पिटल में मोहाली के अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ अत्याधुनिक जाँच तकनीकों की मदद से सटीक प्रिस्क्रिप्शन और व्यक्तिगत उपचार योजना प्रदान करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे मायोपिया, हाइपरोपिया या ऐस्टिग्मैटिज़्म है?
- अगर आपको दूर की चीज़ें धुंधली दिखती हैं, तो आपको मायोपिया हो सकता है।
- अगर पास की चीज़ें साफ नहीं दिखतीं, तो हाइपरोपिया हो सकता है।
- और अगर हर दूरी पर नज़र धुंधली या टेढ़ी दिखती है, तो ऐस्टिग्मैटिज़्म की संभावना हो सकती है।
सही जानकारी के लिए नेत्र विशेषज्ञ से जाँच कराना जरूरी है।
2. दृष्टि संबंधी समस्या में डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
अगर आपकी नज़र बहुत ज्यादा धुंधली या विकृत हो रही है, रोज़मर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं, या आँखों से जुड़ी समस्या आपको परेशानी दे रही है, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।
3. ऐस्टिग्मैटिज़्म में पास और दूर – दोनों जगह धुंधला क्यों दिखता है?
ऐस्टिग्मैटिज़्म में कॉर्निया की सतह असमान होती है, जिससे रोशनी सही तरीके से नहीं मुड़ पाती।
इस कारण रोशनी रेटिना से पहले या पीछे फोकस हो जाती है, और इसी वजह से हर दूरी पर नज़र धुंधली दिखाई देती है।