*Read in English: Can a Damaged Cornea Repair Itself?
मानव आँख एक जैविक चमत्कार है, और कॉर्निया (आँख की पारदर्शी आगे की परत) आँख के सही कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कॉर्निया एक खिड़की की तरह काम करता है, जो प्रकाश को अपवर्तित (refract) करके आँखों को सही तरीके से फोकस करने और साफ देखने में मदद करता है। लेकिन यदि कॉर्निया को नुकसान पहुँच जाए या वह घायल हो जाए तो क्या होता है? क्या वह खुद ठीक हो सकता है या चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है?
इसका उत्तर है — कुछ विशेष परिस्थितियों में कॉर्निया स्वयं ठीक हो सकता है। वे विशेष परिस्थितियाँ क्या हैं? इस ब्लॉग में हम इसी विषय पर प्रकाश डालेंगे और कॉर्निया की मरम्मत (corneal repair) के बारे में जानेंगे।
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Toggleकॉर्निया की संरचना
यह समझने के लिए कि कॉर्निया कब और किस हद तक खुद को ठीक कर सकता है, पहले इसकी संरचना को समझना आवश्यक है। कॉर्निया पाँच अलग-अलग परतों से बना होता है:
परत का नाम – विवरण
एपिथीलियम (Epithelium)
- कॉर्निया की सबसे बाहरी परत
- धूल, कीटाणुओं आदि से आँख की रक्षा करती है
- आँसुओं से पोषक तत्वों को अवशोषित करती है
बोमन की परत (Bowman’s Layer)
- एपिथीलियम के नीचे स्थित पतली लेकिन मजबूत परत
- संरचनात्मक सहारा प्रदान करती है
- चोट लगने पर पुनर्जनन (regeneration) की क्षमता नहीं होती
स्ट्रोमा (Stroma)
- सबसे मोटी परत
- बीच की (तीसरी) परत
- कॉर्निया की संरचना का प्रमुख हिस्सा
- कॉर्निया के आकार और पारदर्शिता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण
डेस्मेट्स मेम्ब्रेन (Descemet’s Membrane)
- पतली लेकिन मजबूत परत
- अंदर की परत (एंडोथीलियम) को सहारा देती है
- चोट के बाद पुनर्जनन की क्षमता रखती है
एंडोथीलियम (Endothelium)
- कॉर्निया की सबसे अंदरूनी परत
- तरल संतुलन बनाए रखकर कॉर्निया को साफ रखती है
- पुनर्जनन की क्षमता बहुत सीमित होती है
क्या आँख का कॉर्निया स्वयं ठीक हो सकता है?
एपिथीलियम (सबसे बाहरी परत)
यह परत सबसे तेजी से ठीक होती है। यदि धूल, कॉन्टैक्ट लेंस या नाखून के कारण हल्की खरोंच लगे, तो यह आमतौर पर 24–48 घंटे में स्वयं ठीक हो जाती है। एपिथीलियम की कोशिकाएँ तेजी से पुनर्जनन करती हैं, जिससे घाव भर जाता है और सुरक्षा परत पुनः बन जाती है।
बोमन की परत और स्ट्रोमा (दूसरी और तीसरी परत)
बोमन की परत में पुनर्जनन की क्षमता नहीं होती। इस परत को चोट लगने पर निशान (scarring) बन सकता है। स्ट्रोमा में पूर्ण पुनर्जनन की क्षमता सीमित होती है। इस परत को चोट लगने पर आमतौर पर निशान बनते हैं, जिससे दृष्टि धुंधली हो सकती है।
ऐसी स्थिति में कॉर्निया ट्रांसप्लांट जैसे उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है।
डेस्मेट्स मेम्ब्रेन और एंडोथीलियम (अंदर की परतें)
डेस्मेट्स मेम्ब्रेन में स्वयं ठीक होने की कुछ क्षमता होती है, लेकिन यह व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्न हो सकती है।
एंडोथीलियम — सबसे अंदर की परत — में पुनर्जनन की क्षमता बहुत कम होती है। यदि इस परत को नुकसान पहुँचता है, तो कॉर्निया की पारदर्शिता स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों में एंडोथीलियल केरेटोप्लास्टी जैसी सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
कॉर्निया की रिकवरी
कॉर्निया की पाँचों परतें आँख की सुरक्षा और साफ दृष्टि बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कॉर्निया की स्वयं ठीक होने की क्षमता इस बात पर निर्भर करती है कि कौन-सी परत प्रभावित हुई है और उसकी पुनर्प्राप्ति क्षमता कितनी है।
यदि केवल बाहरी परत (एपिथीलियम) में हल्की खरोंच है, तो यह गंभीर चिंता का विषय नहीं होता। सावधानी और आराम से कॉर्निया स्वयं ठीक हो सकता है।
लेकिन यदि चोट गहरी है और अंदर की परतों तक पहुँच गई है, तो दृष्टि बचाने के लिए तुरंत चिकित्सा सहायता आवश्यक होती है।
कॉर्निया के ठीक होने को प्रभावित करने वाले कारक
कई कारक यह निर्धारित करते हैं कि कॉर्निया कितनी अच्छी तरह ठीक होगा:
- चोट कितनी गंभीर और गहरी है (कौन-सी परत प्रभावित हुई है)
- यदि आपको मधुमेह जैसी कोई बीमारी है
- आपकी उम्र (जितनी अधिक उम्र, उतनी धीमी रिकवरी)
- आँखों की साफ-सफाई बनाए रखना (संक्रमण से बचाव)
- पर्याप्त आराम करना (जितना अधिक आराम, उतनी जल्दी रिकवरी)
- पर्याप्त पानी पीना (हाइड्रेशन से उपचार में मदद मिलती है)
- सावधानी बरतना (जैसे आँखों को जलन देने वाले पदार्थों से बचना)
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
हालाँकि मामूली खरोंच में कॉर्निया स्वयं ठीक हो सकता है, लेकिन कुछ लक्षणों में तुरंत चिकित्सा सहायता आवश्यक होती है:
- दो दिन से अधिक समय तक आँखों में दर्द या लालिमा
- अचानक या कई दिनों तक धुंधली दृष्टि
- कॉर्निया पर धब्बा या धुंधलापन
- रसायनों या अन्य कारणों से जलन
- आँख में चोट
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत किसी विश्वसनीय नेत्र विशेषज्ञ से जाँच करवाएँ।
सोहाना हॉस्पिटल, चंडीगढ़ के सर्वश्रेष्ठ नेत्र अस्पतालों में से एक, में अत्याधुनिक जाँच उपकरण उपलब्ध हैं, जैसे:
- OCT (ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी)
- कॉर्नियल टोपोग्राफी
ये तकनीकें विशेषज्ञों को चोट की गंभीरता का सही आकलन करने और सर्वोत्तम उपचार सुझाने में मदद करती हैं।
यदि आप “मेरे पास कॉर्निया विशेषज्ञ” की तलाश में हैं, तो सोहाना हॉस्पिटल में अपॉइंटमेंट बुक करें। यहाँ उन्नत उपचार के साथ ट्राइसिटी के अनुभवी कॉर्निया विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।
आज सही कदम उठाएँ — आने वाले वर्षों तक साफ दृष्टि सुनिश्चित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न – स्क्रैच्ड कॉर्निया
स्क्रैच्ड कॉर्निया के कारण क्या होते हैं?
आमतौर पर धूल, रेत, नाखून, कॉन्टैक्ट लेंस, मेकअप ब्रश या आँखों को जोर से रगड़ने से कॉर्निया पर खरोंच आ सकती है। इसके अलावा आँख में चोट, ड्राई आई या विदेशी वस्तु भी कॉर्निया को नुकसान पहुँचा सकती है।
कॉर्निया ट्रांसप्लांट कब आवश्यक होता है?
गंभीर मामलों में, जब कॉर्निया बुरी तरह क्षतिग्रस्त, धुंधला या निशानदार हो जाता है और अन्य उपचार प्रभावी नहीं होते, तब कॉर्निया ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है। इसके सामान्य कारणों में गंभीर संक्रमण, चोट या केराटोकोनस जैसी स्थितियाँ शामिल हैं।
स्क्रैच्ड कॉर्निया का उपचार क्या है?
उपचार क्षति की गंभीरता पर निर्भर करता है। सोहाना आई हॉस्पिटल में विशेषज्ञ आपकी स्थिति के अनुसार उपचार देते हैं, जिसमें एंटीबायोटिक आई ड्रॉप, लुब्रिकेटिंग ड्रॉप और दर्द निवारक दवाएँ शामिल हो सकती हैं। हल्की खरोंच कुछ दिनों में ठीक हो जाती है।
कॉर्निया की सुरक्षा कैसे करें?
आँखों को रगड़ने से बचें, सुरक्षात्मक चश्मा पहनें और कॉन्टैक्ट लेंस की साफ-सफाई बनाए रखें। आँखों को नम रखें और धूल, रसायनों व अन्य जलन पैदा करने वाले पदार्थों से दूर रहें।
स्क्रैच्ड कॉर्निया के लक्षण क्या हैं?
आँख में दर्द, लालिमा, पानी आना, धुंधली दृष्टि और रोशनी से चुभन इसके सामान्य लक्षण हैं। कुछ लोगों को ऐसा भी महसूस होता है जैसे आँख में कुछ फँसा हो।
स्क्रैच्ड कॉर्निया का कोई घरेलू उपाय है?
स्क्रैच्ड कॉर्निया के लिए कोई सुरक्षित घरेलू उपचार नहीं है। आपको विश्वसनीय कॉर्निया विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर द्वारा दी गई आई ड्रॉप्स का उपयोग और स्वयं दवा लेने से बचना बेहतर रिकवरी सुनिश्चित करता है।
कॉर्निया की देखभाल कैसे करें?
नियमित आँखों की जाँच करवाएँ, आँखों की साफ-सफाई बनाए रखें और चोट से बचाव करें। यदि आपको आँखों में संक्रमण या लगातार ड्राई आई की समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सा सलाह लें।